उत्तराखंड के इस सबसे बड़े अस्पताल की नई ओपीडी ही लाइलाज

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उत्तराखंड के सबसे बड़े अस्पताल दून मेडिकल कॉलेज की नई ओपीडी अव्यवस्थाओं के चलते लाइलाज हो गई है। उद्घाटन के चार  माह बाद भी यहां जरूरी सुविधाएं नहीं जुटाई जा सकी हैं। रेडियोलॉजी अभी तक शिफ्ट नहीं हो पाई है, लिफ्ट का काम लटका है और मरीज नई और पुरानी बिल्डिंग के बीच दौड़ रहे हैं। ऐसे में अधूरी तैयारी और बदहाल व्यवस्था के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कब होगा एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड

नई ओपीडी में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। पर चार माह बाद भी व्यवस्था नहीं हुई है। बताया गया कि नई एक्स-रे मशीन आनी हैं। तभी व्यवस्था बन पाएगी। पर अल्ट्रासाउंड मशीन यहां स्थापित करने में क्या दिक्कत है, इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं।

मर्ज बढ़ा रही सीढिय़ां

दून अस्पताल की नई ओपीडी में लिफ्ट का काम अभी भी अधूरा है। ऐसे में 6 मंजिला नई बिल्डिंग के आखिरी फ्लोर तक मशीनें पहुंचाने की दिक्कत है। नई बिल्ंिंडग में ईएनटी, नेत्र रोग, डेंटल, बाल रोग, चर्म रोग, मनोरोग आदि की ओपीडी शुरू की गई है, लेकिन बिना लिफ्ट के मरीजों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। उन्हें इलाज के लिए सीढिय़ां नापनी पड़ रही हैं।

दो बिल्डिंग के बीच दौड़ रहे मरीज

दून अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इलाज के लिए दो बिल्डिंगों के बीच भागमभाग करनी पड़ रही है। इन बिल्डिंग के बीच कनेक्टिविटी भी नहीं है। एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक जाने में भारी ट्रैफिक से मरीजों को गुजरना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग केबीच फुटओवर ब्रिज बनना है. लेकिन, कब बनेगा इसका कोई जवाब नहीं है।

दांद का दर्द लगवा रहा चक्कर 

दांत दर्द का इलाज कराना दून अस्पताल में आसान नहीं। इसकी ओपीडी नई बिल्डिंग के चतुर्थ तल पर शिफ्ट हो चुकी है। जहां मरीजों को चार मंजिल तक सीढ़ी चढ़कर पहुंचना पड़ रहा है, इसके बाद चिकित्सक एक्सरे की सलाह देता है।

इस पर दोबारा पुरानी बिल्डिंग में आना पड़ता है। इसके लिए नई बिल्डिंग से 4 फ्लोर उतरकर भारी ट्रैफिक के बीच एक्सरे यूनिट तक पहुंचना होता है। एक्सरे रिपोर्ट दिखाने के लिए फिर नई ओपीडी में चतुर्थ तल पर जाना होता है। ऐसे में मरीज को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कई जगह सीलन, टपक रहा पानी

नई ओपीडी एक बरसात भी नहीं झेल पाई है। यहां कई जगह दीवारों पर सीलन देखी जा सकती है। इसके अलावा कई जगह पानी भी टपक रहा है। जिस कारण तमाम तरह की दिक्कतें आ रही हैं।

निर्माण एजेंसी को जल्द काम निपटाने के निर्देश 

दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, बिल्डिंग का एक हिस्सा अभी निर्माणाधीन है। इस कारण व्यवस्था बनाने में दिक्कत आ रही है। निर्माण एजेंसी को काम जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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